अन्नपूर्णा देवी मंदिर

विश्वनाथ गली, वाराणसी

टेम्पल सर्किट · पढ़ने की गाइड · 8 September 2026

इस मंदिर की यात्रा बनाएँ

कहानी से शुरुआत

विश्वनाथ के पास अन्नपूर्णा काशी की पोषण देने वाली माता हैं। देवी का देना और शिव का ग्रहण करना अन्न को कथा का केंद्र बनाता है। अगली बार साथ भोजन करें तो यह बात याद रखें।

स्थल पुराण

अन्नपूर्णा को अन्न देने वाली माँ माना जाता है। स्थल-परंपरा में शिव के देवी से अन्न ग्रहण करने की कथा आती है। यह दूसरों का पेट भरने को आध्यात्मिक जीवन के केंद्र में रखती है।

निर्माता, शिल्प और संरक्षण

विश्वनाथ के पास यह मंदिर काशी में पोषण और सेवा का एक और पहलू दिखाता है। अठारहवीं सदी का भवन-इतिहास और देवी की धार्मिक कथा, इस जगह को समझने की अलग-अलग परतें हैं।

अपनी यात्रा की तैयारी

पूजा और नीचे दी गई जगहों को देखने का समय रखें। प्रवेश और तस्वीरों के लिए लगे निर्देश मानें।

ठहरकर देखने की जगहें

विश्वनाथ के आसपास की गलियाँ

पास के विश्वनाथ दर्शन के साथ यह यात्रा जोड़ें। अन्नपूर्णा की कथा में शिव देवी से भोजन ग्रहण करते हैं। दोनों मंदिरों के बीच चलना काशी के नाथ और उसे पोषण देने वाली माता को जोड़ता है।

दर्शन से पहले

लौटते समय कथा को एक काम में अपनाएँ: साथियों के साथ भोजन बाँटें और अन्न व्यर्थ न करें। मंदिर की अन्नसेवा में सहयोग करना चाहें तो कर्मचारियों से आधिकारिक व्यवस्था पूछें।

स्रोत

Varanasi Development Authority · Background and references