बेड़ी हनुमान · दरिया महावीर

Puri

टेम्पल सर्किट · पढ़ने की गाइड · 20 September 2026

इस मंदिर की यात्रा बनाएँ

कहानी से शुरुआत

यह छोटा मंदिर पुरी की पवित्र भूमि में हनुमान की सेवा से परिचय कराता है। दर्शन से पहले समुद्र-रक्षक का प्रसंग पढ़ें: बेड़ी हनुमान का नाम जगन्नाथ के प्रति उनके निरंतर कर्तव्य से अर्थ पाता है।

स्थल पुराण

जगन्नाथ हनुमान को समुद्र से पुरी की रक्षा का दायित्व देते हैं। हनुमान प्रभु को बताए बिना लड्डू खाने अयोध्या जाते हैं और उनकी अनुपस्थिति में समुद्र का जल नगर में प्रवेश करता है। जगन्नाथ उन्हें वापस बुलाकर अपने स्थान पर बने रहने के लिए बाँध देते हैं। बेड़ी हनुमान और दरिया महावीर के नाम इस सेवा का स्मरण कराते हैं; रक्षक की भक्ति तटीय तीर्थ के जीवन से जुड़ी रहती है।

निर्माता, शिल्प और संरक्षण

मंदिर की पहचान हनुमान, जगन्नाथ और समुद्र के इसी संबंध में है। यह यात्रा को मुख्य मंदिर और रथ के गंतव्य से आगे ले जाता है: रक्षा और निष्ठापूर्ण सेवा का भी पुरी की आराधना में अपना स्थान है।

अपनी यात्रा की तैयारी

प्रकाशित दर्शन अवधि: 06:00–20:00 IST

20 September 2026 को समय का मिलान जुड़े स्रोत से किया गया। यात्रा से पहले बदलाव और उत्सव की व्यवस्था की पुष्टि करें। Ministry of Tourism · Bedi Hanuman

राष्ट्रीय पर्यटन पृष्ठ 06:00–20:00 बताता है। पूजा के किसी विराम की स्थानीय पुष्टि करें और छोटे दर्शन-समय से अलग आने-जाने का समय जोड़ें।

ठहरकर देखने की जगहें

हनुमान दर्शन

स्मरण करें कि हनुमान अपने नियुक्त स्थान पर क्यों रहते हैं। नाम को केवल कौतूहल मानने के बजाय जगन्नाथ की सेवा पर ध्यान दें।

दर्शन के बाद

रक्षक के समुद्र-संबंधी नाम को नगर के तटीय परिवेश से जोड़ें। यह पावन कथा जगन्नाथ की रथयात्रा के साथ याद रखने के लिए एक और संबंध देती है।

स्रोत

कथा और अनुवाद की स्थानीय समीक्षा बाकी है।

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