शास्त्रवचन वाली दीवारें
गीता का छोटा अंश पढ़कर उसके अर्थ पर मनन करें। ये वचन अध्ययन को यात्रा का हिस्सा बनाते हैं।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी
टेम्पल सर्किट · पढ़ने की गाइड · 19 September 2026वाहन तय करते समय बीएचयू परिसर स्पष्ट कहें। यह घाटों के पास स्थित काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग से अलग मंदिर है। शिवदर्शन के साथ उन शास्त्रवचनों को पढ़ने का समय रखें जो विश्वविद्यालय के परिवेश को आध्यात्मिक अध्ययन से जोड़ते हैं।
यहाँ शिव की विश्वनाथ, अर्थात् विश्व के स्वामी के रूप में आराधना होती है। प्रार्थना और अध्ययन साथ चलते हैं: दीवारों पर भगवद्गीता और अन्य पवित्र ग्रंथों के अंश अंकित हैं। दर्शन के बाद कोई एक अंश कर्तव्य, भक्ति या आत्मज्ञान पर मनन का आधार बन सकता है। यह मंदिर परिसर के जीवन में विश्वनाथ आराधना को स्थान देता है; नगर की ज्योतिर्लिंग यात्रा का विकल्प नहीं है।
मदन मोहन मालवीय ने मंदिर की परिकल्पना की और बिरला परिवार ने निर्माण में सहयोग दिया। 1966 में पूरा हुआ यह परिसर संगमरमर, ऊँचे शिखर और सहायक मंदिरों को विश्वविद्यालय के बीच स्थान देता है। जाति या मत के भेद के बिना आगंतुकों का स्वागत होता है।
प्रकाशित दर्शन अवधि: 04:00–12:00 / 13:00–21:00 IST
19 September 2026 को समय का मिलान जुड़े स्रोत से किया गया। यात्रा से पहले बदलाव और उत्सव की व्यवस्था की पुष्टि करें। Ministry of Tourism · New Vishwanath Temple
बीएचयू पहुँचने के साथ परिसर के भीतर यात्रा का समय भी रखें। पर्यटन विभाग दोपहर 12 से 1 बजे का अवकाश बताता है। अन्य परिसर स्थलों के लिए अलग समय जोड़ें; वे इस मंदिर-भ्रमण में स्वतः शामिल नहीं हैं।
शास्त्रवचन वाली दीवारें
गीता का छोटा अंश पढ़कर उसके अर्थ पर मनन करें। ये वचन अध्ययन को यात्रा का हिस्सा बनाते हैं।
बाहरी प्रवेश मार्ग
परिसर के बीच उठते ऊँचे शिखर को देखें। मालवीय की शिक्षा-दृष्टि को यहाँ चलती आराधना से जोड़कर समझें।
कथा और अनुवाद की स्थानीय समीक्षा बाकी है।
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