द्वारकाधीश

द्वारका

टेम्पल सर्किट · पढ़ने की गाइड · 8 September 2026

इस मंदिर की यात्रा बनाएँ

कहानी से शुरुआत

कृष्ण की पश्चिमी नगरी का प्रमुख मंदिर। नक्काशीदार दीवारें, शिखर का ध्वज और स्वर्ग-मोक्ष द्वार मंदिर की पहचान हैं। गोमती की ओर उतरती सीढ़ियाँ नदी और समुद्र को मंदिर से जोड़ती हैं।

स्थल पुराण

द्वारका कृष्ण की पावन नगरी है। मंदिर की स्थापना-कथा में वज्रनाभ का नाम आता है। कृष्ण यहाँ द्वारका के स्वामी के रूप में पूजित हैं।

निर्माता, शिल्प और संरक्षण

नक्काशीदार दीवारें, शिखर का ध्वज और स्वर्ग-मोक्ष द्वार मंदिर की पहचान हैं। गोमती की ओर उतरती सीढ़ियाँ नदी और समुद्र को मंदिर से जोड़ती हैं।

अपनी यात्रा की तैयारी

पूजा और नीचे दी गई जगहों को देखने का समय रखें। प्रवेश और तस्वीरों के लिए लगे निर्देश मानें।

ठहरकर देखने की जगहें

स्वर्ग-मोक्ष द्वार और नदी का मार्ग

यदि सीढ़ियाँ कठिन हों तो यात्रा से पहले उपयुक्त प्रवेश मार्ग की पुष्टि करें।

शिखर का बाहरी दृश्य

ध्वज और नक्काशीदार दीवारें देखें; दर्शन के बाद नदी की ओर समय दें।

स्रोत

Gujarat Tourism · Dwarkadhish