काशी विश्वनाथ मंदिर

काशी का पुराना शहर

टेम्पल सर्किट · पढ़ने की गाइड · 8 September 2026

इस मंदिर की यात्रा बनाएँ

कहानी से शुरुआत

विश्वनाथ के ज्योतिर्लिंग का दर्शन इस यात्रा का केंद्र है। आसपास अहिल्याबाई होलकर का 1780 में पुनर्निर्मित मंदिर है और आगे गंगा। दर्शन, सेवा और नदी इस पथ को अर्थ देते हैं।

स्थल पुराण

काशी विश्वनाथ की पूजा शिव के प्रकाश-स्वरूप ज्योतिर्लिंग के रूप में होती है। श्रद्धालुओं के लिए यह काशी का आध्यात्मिक केंद्र है। इस पवित्र पहचान का इतिहास सामने दिख रहे भवन की उम्र से कहीं आगे जाता है।

निर्माता, शिल्प और संरक्षण

मंदिर न्यास के अनुसार वर्तमान मंदिर इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने 1780 में बनवाया। उनका संरक्षण इस स्थल की निरंतरता का स्पष्ट, नाम सहित दर्ज अध्याय है। प्राचीन तीर्थ और वर्तमान भवन की शुरुआत एक ही समय पर नहीं हुई।

अपनी यात्रा की तैयारी

पूजा और नीचे दी गई जगहों को देखने का समय रखें। प्रवेश और तस्वीरों के लिए लगे निर्देश मानें।

ठहरकर देखने की जगहें

अनुमत स्थान से

मंदिर दिखने पर प्रवेश-द्वार और ऊपर उठते शिखर का अंतर देखिए। महारानी अहिल्याबाई होलकर ने 1780 में मंदिर का पुनर्निर्माण कराया; विश्वनाथ के दर्शन के साथ उनकी सेवा को भी याद कीजिए।

सुरक्षित परिसर के बाहर सार्वजनिक मार्ग

दर्शन के बाद अनुमत सार्वजनिक मार्ग से गंगा की ओर जाएँ। गर्भगृह की घिरी जगह से खुले नदी-तट तक का परिवर्तन देखिए; शिवलिंग और गंगा काशी की यात्रा के दो केंद्र हैं।

स्रोत

Official temple trust · District Varanasi