संकट मोचन हनुमान मंदिर

संकट मोचन, वाराणसी

टेम्पल सर्किट · पढ़ने की गाइड · 8 September 2026

इस मंदिर की यात्रा बनाएँ

कहानी से शुरुआत

हनुमान की सेवा, तुलसीदास का काव्य और भक्तिपूर्वक अर्पित संगीत संकट मोचन में मिलते हैं। दर्शन के बाद जानिए कि वार्षिक संगीत समारोह उस सेवा को शास्त्रीय प्रस्तुति में कैसे आगे बढ़ाता है।

स्थल पुराण

मंदिर की परंपरा इस स्थान को तुलसीदास से जोड़ती है। संकट मोचन नाम दुख से राहत पाने की भक्त की आशा व्यक्त करता है।

निर्माता, शिल्प और संरक्षण

संकट मोचन संगीत समारोह शास्त्रीय संगीत और नृत्य को मंदिर के सांस्कृतिक जीवन से जोड़े रखता है। आयोजन साल के खास समय में होता है; उसके लिए आने से पहले उस वर्ष का कार्यक्रम जाँचें।

अपनी यात्रा की तैयारी

पूजा और नीचे दी गई जगहों को देखने का समय रखें। प्रवेश और तस्वीरों के लिए लगे निर्देश मानें।

ठहरकर देखने की जगहें

दर्शन से पहले

हनुमान के दर्शन में तुलसीदास को याद करें। इस मंदिर से जुड़े कवि ने रामचरितमानस से रामकथा को घर-घर की भक्ति में बसाया। यहाँ कवि, उनके प्रभु और हनुमान की सेवा साथ आते हैं।

उत्सव का कार्यक्रम पूछें

संगीत समारोह में शास्त्रीय संगीत और नृत्य हनुमान को अर्पित होते हैं। उत्सव में आएँ तो घोषित कार्यक्रम से एक पूरी प्रस्तुति चुनें; अन्य दिनों में यह मंदिर की संगीत-सेवा को जानने का पड़ाव है।

स्रोत

Incredible India · Ministry of Tourism · music festival