त्रिविक्रम सन्निधि
उठे हुए चरण और विराट स्वरूप को देखें। वामन की छोटी माँग से प्रभु के असीम स्वरूप तक की कथा याद करें।
कांचीपुरम
टेम्पल सर्किट · पढ़ने की गाइड · 8 September 2026कामाक्षी के पास इस मंदिर में विष्णु संसार नापते त्रिविक्रम के रूप में दर्शन देते हैं। तिरुऊरगम के साथ तिरुनीरगम, तिरुक्कारगम और तिरुक्कारवानम इसी परिसर में हैं। इन्हें चार अलग वाहन-यात्राएँ न समझें।
विष्णु वामन बनकर महाबली से तीन पग भूमि माँगते हैं। राजा की स्वीकृति पर वे त्रिविक्रम बनकर धरती और आकाश नाप लेते हैं। महाबली की शरणागति इस मिलन को पूर्ण करती है। उलगलन्थ पेरुमाल का विशाल, उठे हुए चरण वाला स्वरूप उस दिव्य विस्तार को सन्निधि में सामने लाता है।
पल्लव और बाद के चोल अभिलेख मंदिर को मिले संरक्षण का विवरण देते हैं। तिरुऊरगम और तीन अन्य दिव्य देशम सन्निधियाँ एक ही परिसर में वैष्णव यात्रा का अवसर देती हैं। योजनाकार इसे एक पड़ाव मानता है, फिर भी हर सन्निधि का नाम और पूजा अलग रखें।
खुलने का समय अभी पुष्ट नहीं है। सुझाए गए समय पर दर्शन से पहले इसकी जाँच करें।
इस गाइड के लिए वर्तमान खुलने का समय पुष्ट नहीं है। विशेषकर दोपहर में यात्रा से पहले समय और भीतरी सन्निधियों में प्रवेश की जानकारी लें।
त्रिविक्रम सन्निधि
उठे हुए चरण और विराट स्वरूप को देखें। वामन की छोटी माँग से प्रभु के असीम स्वरूप तक की कथा याद करें।
तिरुऊरगम और अन्य सन्निधियाँ
संकेतों या कर्मचारियों की सहायता से तिरुनीरगम, तिरुक्कारगम और तिरुक्कारवानम पहचानें। हर सन्निधि में अलग प्रार्थना करें; सभी का एक साथ खुलना निश्चित नहीं है।
कथा और अनुवाद की स्थानीय समीक्षा बाकी है।
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