अंकित संगमरमर की दीवारें
अपनी समझ का छोटा अंश चुनें या अर्थ के साथ पढ़ें। पहचानें कि कौन बोल रहा है और कौन-सा प्रसंग है; फिर शब्दों को उस दृश्य से जोड़ें।
दुर्गाकुंड, वाराणसी
टेम्पल सर्किट · पढ़ने की गाइड · 19 September 2026इसे पास के दुर्गाकुंड दर्शन से जोड़ें, लेकिन शिलालेख पढ़ने के लिए अलग समय रखें। राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान के दर्शन के साथ रामचरितमानस का पाठ इस यात्रा का केंद्र है। यहाँ पवित्र प्रतिमा और पवित्र वाणी, दोनों से साक्षात्कार होता है।
इस मंदिर के केंद्र में तुलसीदास की रामभक्ति है। दुर्गाकुंड का यह स्थान रामचरितमानस की उनकी रचना और पाठ से जुड़ा है। राम का जीवन, सीता की निष्ठा, लक्ष्मण की सेवा और हनुमान की भक्ति दीवारों के पदों और प्रतिमाओं में सामने आती हैं। यहाँ कोई परिचित प्रसंग पढ़कर परिवार में सुनी रामकथा को मानस के शब्दों से जोड़ सकते हैं।
वर्तमान संगमरमर मंदिर सुरेका परिवार ने 1964 में बनवाया था। दीवारों पर रामचरितमानस की चौपाइयाँ, दोहे और अन्य छंद अंकित हैं। आधुनिक भवन तुलसीदास की बहुत पहले की भक्तिरचना का सम्मान करता है; भवन और ग्रंथ की रचना अलग कालखंडों की हैं।
खुलने का समय अभी पुष्ट नहीं है। सुझाए गए समय पर दर्शन से पहले इसकी जाँच करें।
आधिकारिक काशी पोर्टल और राष्ट्रीय पर्यटन पृष्ठ पर समय अलग हैं। इस पड़ाव के लिए निकलने से पहले वर्तमान मध्यावकाश की पुष्टि करें। पाठ के लिए चलती दर्शन पंक्ति से अलग खड़े हों।
अंकित संगमरमर की दीवारें
अपनी समझ का छोटा अंश चुनें या अर्थ के साथ पढ़ें। पहचानें कि कौन बोल रहा है और कौन-सा प्रसंग है; फिर शब्दों को उस दृश्य से जोड़ें।
मुख्य मंदिर
राम के साथ सीता, लक्ष्मण और हनुमान को देखें। पदों की ओर लौटने से पहले उनके प्रेम और सेवा के अलग रूपों का स्मरण करें।
कथा और अनुवाद की स्थानीय समीक्षा बाकी है।
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